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आज हनुमान जयंती, जानें पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का समय

Neemuch headlines April 2, 2026, 6:33 am Technology

चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर 'हनुमान जयंती' का पावन पर्व मनाया जाएगा। आज का दिन संकटमोचन हनुमान जी की भक्ति और शक्ति के स्मरण का है, जिनकी कृपा से सभी भय और बाधाओं का नाश होता है। आज चंद्रदेव कन्या राशि और हस्त नक्षत्र में रहेंगे, जिसके स्वामी स्वयं चंद्रदेव हैं और देवता 'सविता' (सूर्य देव) हैं। हस्त नक्षत्र के प्रभाव से आज आपके भीतर निडरता और लक्ष्य के प्रति समर्पण का भाव प्रबल रहेगा। आज ध्रुव योग का प्रभाव दोपहर 02:20 बजे तक रहेगा, जो किसी भी कार्य को स्थिरता और मजबूती प्रदान करता है। आज के दिन आपकी फुर्ती और बुद्धिमानी आपको सफलता की ओर ले जाएगी। यदि स्वभाव में थोड़ी कठोरता या चिड़चिड़ापन महसूस हो, तो उसे केवल सुधार के एक संकेत के रूप में देखें और अपनी सहजता बनाए रखें। हनुमान जी की विशेष पूजा और शुभ कार्यों के लिए दोपहर 12:00 से 12:50 बजे तक का अभिजीत मुहूर्त बहुत उत्तम है। दोपहर में राहुकाल के समय सावधानी बरतना ठीक रहेगा।

महत्वपूर्ण विवरण तिथि शुक्ल पूर्णिमा :–

प्रातः 07:41 बजे तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा योग ध्रुव – दोपहर 02:20 बजे तक, फिर

व्याघात करण बव – प्रातः 07:41 बजे तक करण बालव – सायं 08:08 बजे तक सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय प्रातः 06:10 बजे

सूर्यास्त का समय सायं 06:39 बजे

चंद्रोदय का समय सायं 07:07 बजे चंद्रास्त का समय चंद्रास्त नहीं होगा

सूर्य और चंद्रमा की राशियां सूर्य देव: मीन राशि में स्थित हैं चन्द्र देव: कन्या राशि में स्थित हैं

आज के शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त

दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक अमृत काल प्रातः 11:18 बजे से दोपहर 12:59 बजे तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल दोपहर 01:59 बजे से सायं 03:32 बजे तक

गुलिकाल प्रातः 09:18 बजे से प्रातः 10:51 बजे तक

यमगण्ड प्रातः 06:10 बजे से प्रातः 07:44 बजे तक आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

हस्त नक्षत्र: सायं 05:38 बजे तक स्थान: 10°00’ कन्या राशि से 23°20’ कन्या राशि तक नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव राशि स्वामी: बुधदेव देवता: सविता (सूर्य देव का एक रूप) प्रतीक: हाथ या बंद मुट्ठी सामान्य विशेषताएं: निडर, साहसी, उपकारी, दानी, मेहनती, फुर्तीला, लक्ष्य के प्रति समर्पित, बुद्धिमान, कभी-कभी झगड़ालू, कठोर, जीवन के उत्तरार्ध में सुखी, शारीरिक कार्यों में निपुण और सफल।

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