मंदसौर । ई दक्ष केंद्र मंदसौर के कंप्यूटर हाल में भारत की जनगणना 2027 कार्यक्रम के अंतर्गत नगर के जिला स्तरीय चार्ज अधिकारियों का द्वितीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी जनगणना एवं जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल, चार्ज अधिकारी, लिपिक, ऑपरेटर सहित अन्य संबंधिक कर्मचारी मौजूद थे। प्रशिक्षण नोडल अधिकारी जनगणना श्री अभिषेक ठाकुर द्वारा प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में जिला जनगणना पुस्तिका के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही सीएमएमएस पोर्टल पर हेंड्स ऑन अभ्यास भी कराया गया।
मकान सूचीकरण (ब्लाक एचएलबी) का गठन करने, एचएलबीसी वेब मेपिंग एप्लिकेशन पर एचएलबी को चिन्हित करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना के पहले चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण (एचएलओ) किया जाएगा। इसमें मकान सूचीकरण ब्लॉक (Houselisting Block - HLB) का गठन और उनकी मैपिंग बहुत महत्वपूर्ण है। HLB वह सबसे छोटी प्रशासनिक इकाई है जिसमें मकान सूचीकरण किया जाता है। प्रत्येक HLB में सामान्यतः 750-800 व्यक्ति या 180-200 मकान/जनगणना गृह (जो भी अधिक हो) शामिल किए जाते हैं। यह ब्लॉक उपग्रह चित्रों (satellite imagery) के आधार पर बनाए जाते हैं ताकि भौगोलिक कवरेज पूरे देश में एक समान हो। मुख्य रूप से चार्ज ऑफिसर (Charge Officer) HLB बनाने और मैप करने के जिम्मेदार होते हैं। यह काम Census Monitoring and Management System (CMMS) पोर्टल और Houselisting Block Creator (HLBC) Web Mapping Application के माध्यम से किया जाता है। CMMS Portal क्या है CMMS का पूरा नाम Census Management and Monitoring System है। यह भारत सरकार के Office of the Registrar General & Census Commissioner (ORGI) द्वारा विकसित एक केंद्रीकृत वेब-आधारित डिजिटल पोर्टल है, जो जनगणना 2027 (Census 2027) की पूरी प्रक्रिया को प्रबंधित और मॉनिटर करने के लिए बनाया गया है। यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना का मुख्य backbone है। पहले की जनगणनाओं में पेपर-बेस्ड काम होता था, लेकिन अब CMMS पोर्टल के जरिए सब कुछ रीयल-टाइम और डिजिटल तरीके से होगा। CMMS Portal के मुख्य काम और फीचर्स सीएमएमएस पोर्टल के मुख्य काम जनगणना के सभी स्तरों (राष्ट्रीय → राज्य → जिला → चार्ज → फील्ड) पर काम को प्लान, मैनेज और मॉनिटर करना है।
यूजर क्रिएशन और रोल-बेस्ड एक्सेस गणनाकर्ता, पर्यवेक्षक, चार्ज ऑफिसर, कलेक्टर आदि के लिए अलग-अलग लॉगिन और अधिकार देना है। HLB और सुपरवाईजरी सर्कल का निर्माण/अलोकेशन हाउसिंग ब्लाक्स (HLB) और सुपरवाईजरी सर्कल को पोर्टल पर बनाना, आवंटित करना है। अपॉइंटमेंट और ID कार्ड गणनाकर्ता और सुपरवाईजर के अपॉइंटमेंट लेटर, ID कार्ड ऑटो-जनरेट करना है। ट्रेनिंग मॉड्यूल ऑनलाइन ट्रेनिंग, अटेंडेंस और सर्टिफिकेशन कार्य करना है। रीयल-टाइम मॉनिटरिंग फील्ड में कितने ब्लॉक पूरे हुए, कितने घरों की सूची बनी, डेटा अपलोड हुआ या नहीं – सब कुछ लाइव ट्रैकिंग (प्रोग्रेस डैशबोर्ड) करना है। मोबाइल ऐप इंटीग्रेशन HLO (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) मोबाइल ऐप से डेटा सीधे सीएमएमएस पर आता है। गणनाकर्ता सीएमएमएस से लॉगिन करके ऐप यूज करते हैं। रिपोर्टिंग और रिव्यू राज्य/राष्ट्रीय स्तर पर रिपोर्ट जनरेट करना, समस्याओं को जल्दी पकड़ना है। डेटा क्वालिटी और सिक्योरिटी बेहतर डेटा क्वालिटी सुनिश्चित करना, और सिस्टम को "प्रोटेक्टेड सिस्टम" घोषित किया गया है। पोर्टल का मुख्य लिंक censusindia.gov.in से जुड़ा होता है (या test.census.gov.in टेस्टिंग के लिए)। यूजर ID आमतौर पर मोबाइल नंबर या ईमेल से बनती है, OTP या पासवर्ड से लॉगिन। गणनाकर्ता /सुपरवाईजर को ट्रेनिंग के दौरान यूजर ID और डिफॉल्ट पासवर्ड दिया जाता है, जिसे पहली बार लॉगिन पर बदलना होता है। सीएमएमएस पोर्टल जनगणना 2027 का "कंट्रोल रूम" है।
– बिना इसके डिजिटल जनगणना संभव नहीं। इससे समय बचता है, डेटा तेजी से प्रोसेस होता है, और गलतियां कम होती हैं। यह एक वेब-आधारित मैप एप्लिकेशन है जो उपग्रह चित्रों (लेटेस्ट सेटेलाईट ईमेजनरी) पर आधारित है। चार्ज ऑफिसर लॉगिन करते हैं। एप्लिकेशन में उपलब्ध उपग्रह इमेज पर आवासीय क्षेत्र, बस्तियां, लैंडमार्क (जैसे स्कूल, मंदिर, सड़कें आदि) की पहचान की जाती है। HLB की सीमाएं डिजिटली खींची जाती हैं। प्रत्येक HLB को geo-tag किया जाता है ताकि स्पष्ट भौगोलिक कवरेज सुनिश्चित हो। लैंडमार्क (landmarks) को भी मैप पर मार्क किया जाता है। एक बार HLB बनने के बाद, यह CMMS पोर्टल में ऑटोमैटिकली अपडेट हो जाता है। चार्ज मैप (Charge Map) HLBC से ही ऑटो-जनरेट होता है। CMMS पोर्टल के माध्यम से यूजर आईडी बनाई जाती है, फिर HLBC में लॉगिन किया जाता है। HLB बनने के बाद एन्यूमरेटर HLO मोबाइल ऐप पर इन ब्लॉकों में जाकर geo-tagged मकानों की सूचीकरण करते हैं। उल्लेखनीय है कि यह पहली बार है जब HLB पूरी तरह डिजिटल तरीके से और उपग्रह इमेज से बनाए जा रहे हैं। सभी भवनों को geo-tag किया जाएगा।
प्रक्रिया CMMS पोर्टल और HLBC ऐप से रीयल-टाइम मॉनिटर की जाएगी।