सरवानिया महाराज। शहर के वार्ड नंबर 3 स्थित वर्षों से खाली पड़ी तलाई को नगर परिषद द्वारा विकसित कर उसका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। नगर परिषद की बैठक में प्रस्ताव पारित होने के बाद इस स्थान को एक सुंदर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल की गई, जो अब नगरवासियों के लिए यह जल महल आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।
पहले यह तलाई वर्षों से उपेक्षित और खाली पड़ी हुई थी, जिससे आसपास का क्षेत्र भी सूना दिखाई देता था, लेकिन नगर परिषद की पहल के बाद अब इस स्थान की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। नगर परिषद द्वारा यहां लोगों के लिए आकर्षक सेल्फी प्वाइंट, घूमने के लिए सुंदर मार्ग, बैठने की व्यवस्था और सुकूनदायक वातावरण तैयार किया जा रहा है। चारों ओर आकर्षक लाइटिंग, भव्य प्रवेश द्वार और पानी के बीच तक जाने की विशेष व्यवस्था इस स्थल की सुंदरता को और बढ़ा रही है। शाम के समय यहां की रंग-बिरंगी रोशनी और पानी में उसका प्रतिबिंब देखने लायक होता है, जो लोगों को खासा आकर्षित कर रहा है। यहां दोनों ओर से पानी का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है, जिससे यह स्थान लोगों के लिए एक बेहतरीन घूमने और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है।
नगर के युवा, परिवार और बच्चे यहां पहुंचकर घूमने का आनंद ले रहे हैं और सेल्फी व फोटो खींचकर इस स्थान को यादगार बना रहे हैं। धीरे-धीरे यह स्थल शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होता जा रहा है। नगर परिषद के इस कार्य की सराहना वार्डवासियों के साथ-साथ पूरे नगर में की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह शहर के अन्य खाली पड़े स्थानों का भी विकास किया जाए तो नगर की सुंदरता और बढ़ सकती है। वहीं नगरवासियों का यह भी कहना है कि इस पूरे विकास कार्य का श्रेय जावद क्षेत्र के विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को जाता है, जिनके प्रयासों से लगातार नगर में नए-नए विकास कार्यों को गति मिल रही है। दीपावली पर 5100 दीपों से जगमगाई तलाई - दीपावली के अवसर पर यहां 5100 दीपकों से तलाई क्षेत्र को सजाया गया था, जिसका नजारा बेहद आकर्षक और मनमोहक रहा। दीपों की रोशनी से पूरा क्षेत्र जगमगा उठा और बड़ी संख्या में लोग यहां दीपोत्सव का आनंद लेने पहुंचे। इस दौरान हजारों लोगों ने यहां पहुंचकर दीप जलाए और इस अद्भुत दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। हालांकि नगर के कुछ लोगों का कहना है कि जब इस सौंदर्यीकरण कार्य पर लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो इसके एक हिस्से को अधूरा क्यों छोड़ दिया गया।
लोगों का कहना है कि यदि शेष हिस्से का भी विकास कर दिया जाए तो यह स्थल और भी अधिक सुंदर और आकर्षक बन सकता है। नगर परिषद अध्यक्ष रूपेंद्र जैन ने बताया कि यह जल महल नहीं है और अभी इसका कोई नाम निर्धारित नहीं किया गया है। यह तलाई के सौंदर्यीकरण का कार्य है, जो विधायक ओमप्रकाश सकलेचा के मार्गदर्शन में कराया जा रहा है। फिलहाल परियोजना की डीपीआर में कई कार्य शेष हैं और लगभग 60 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है। आने वाले समय में तलाई को चारों ओर से और अधिक सुंदर व आकर्षक बनाया जाएगा।