शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा में बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई।

Neemuch headlines January 23, 2026, 6:45 pm Technology

रामपुरा ।शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुरा में दिनांक 23 जनवरी 2026 को भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री जेड. एच. बोहरा, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी प्रोफेसर शिवकोर कवचे एवं प्रोफेसर मठुआ अहिरवार द्वारा ज्ञान की देवी माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना से किया गया। इसके पश्चात बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्राएं कशिश, हिना माली एवं तनीषा द्वारा सरस्वती वंदना का सुमधुर गायन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम प्रभारी प्राचार्य श्री जेड. एच. बोहरा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जबकि संचालन बी.ए. तृतीय वर्ष के विद्यार्थी यशवंत रेगर द्वारा किया गया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रभारी प्राचार्य बोहरा ने कहा कि बसंत पंचमी प्रमुख ऋतु पर्व है, इसी दिन ज्ञान की देवी सरस्वती का अवतरण हुआ तथा बसंत ऋतु का आगमन होता है, जो सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को देश के महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में उनका योगदान अविस्मरणीय है। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता प्रोफेसर मठुआ अहिरवार ने कहा कि बसंत पंचमी आनंद और उल्लास का पर्व है।

इस ऋतु में सरसों के पीले फूल खिलते हैं और यह किसानों के लिए समृद्धि का संदेश लेकर आती है। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान, "दिल्ली चलो", "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा" तथा "जय हिंद" जैसे प्रेरणादायक नारों का उल्लेख किया। भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी प्रोफेसर शिवकोर कवचे ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बसंत पंचमी हिंदू धर्म का प्रमुख पर्व है, जो माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस दिन प्रकृति कवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' का जन्मदिन भी मनाया जाता है। साथ ही नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा आज़ाद हिंद फौज के नेतृत्व और उनके अमूल्य योगदान को भी स्मरण किया कार्यक्रम के अंतर्गत लोकगीत एवं लोकगायन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा अर्पिता माली ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं "नेताजी सुभाष चंद्र बोस के क्रांतिकारी विचार एवं राष्ट्र निर्माण के आदर्श" विषय पर आयोजित परिचर्चा में प्रथम स्थान चेरी जागीरदार, द्वितीय स्थान यशवंत रेगर तथा तृतीय स्थान हिना माली (बी.ए. प्रथम वर्ष) ने प्राप्त किया। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा चेरी जागीरदार द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. जितेंद्र पाटीदार एवं डॉ. सुरेश कुमार की विशेष भूमिका रही

कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त विद्यार्थी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

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