प्रशासनिक उदासीनता: वायरल वीडियो और सबूतों के बाद भी अधिकारी बोले- "जानकारी नहीं"
चीताखेड़ा। से राजस्थान सीमा (रंभावली) तक बन रही 3.5 किलोमीटर लंबी सड़क अब भ्रष्टाचार और अवैध उत्खनन के विवादों में घिर गई है। लगभग 4 करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क के निर्माण में ठेकेदार पर शासकीय भूमि से बिना अनुमति के पोकलैंड मशीनों और डंपरों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी (खनिज) चोरी करने के आरोप लगे हैं। गहरे गड्ढे और गुणवत्ता पर सवाल :- ग्रामीणों का आरोप है कि हरनावदा पंचायत के कास्बी खेतों के पास पहाड़ी मगरा क्षेत्र को 30-35 फीट तक गहरा खोद दिया गया है, जो भविष्य में बड़े हादसों को न्योता दे रहा है।
खुदाई के वीडियो और डंपरों के नंबर प्रशासन को सौंपे जाने के बावजूद 25 दिनों से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा, सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग और चौड़ाई में भेदभाव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। रसूखदारों के अतिक्रमण को बचाने के लिए सड़क कहीं संकरी तो कहीं चौड़ी बनाई जा रही है। जिम्मेदारों का रवैया :- हैरानी की बात यह है कि पुख्ता सबूत होने के बावजूद तहसीलदार यशपाल मुजाल्दा ने "जानकारी नहीं होने" की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है। वहीं नायब तहसीलदार ने पटवारी को भेजकर जांच कराने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर डॉ. हिमांशु चंद्रा से मांग की है कि सड़क पर डाली गई मिट्टी और खुदाई स्थल के नमूनों की लैब जांच कराई जाए ताकि करोड़ों के इस भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो सके।