रतलाम । जिले में एक सड़क हादसे ने ग्रामीणों का गुस्सा भड़का दिया। नंदलाई फंटे के पास एंबुलेंस की टक्कर से घायल हुए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब 3 घंटे चले इस प्रदर्शन में स्कूली बच्चे और अन्य यात्री बुरी तरह प्रभावित हुए। थाना प्रभारी ने खुद शव उठाकर जाम खुलवाया।
हादसा 9 जनवरी की रात करीब 9:15 बजे हुआ जब धामनोद की ओर जा रही एंबुलेंस ने बाइक सवार दरबार डोडियार को जोरदार टक्कर मार दी। दरबार जो नंदलाई गांव के पूर्व सरपंच कचरू डाबी के बेटे थे उस समय गांव लौट रहे थे। घटना पास की दुकान के सीसीटीवी में कैद हो गई। गंभीर रूप से घायल दरबार को पहले रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया फिर हालत बिगड़ने पर बड़ौदा रेफर कर दिया। 11 जनवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने लापरवाही बरती। 12 जनवरी सुबह 9:30 बजे नंदलाई के ग्रामीणों और स्वजनों ने रतलाम-बांसवाड़ा मुख्य मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम शुरू कर दिया। मांग थी-चालक की तत्काल गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई और परिवार को पर्याप्त मुआवजा। प्रदर्शन के दौरान दरबार की पत्नी 12 साल के बेटे, 10 साल की बेटी और बुजुर्ग माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। जाम का असर भयानक रहा।
दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सुबह का समय होने से डेलनपुर के चेतन्य टेक्नो स्कूल की बसें फंस गईं। बच्चों को पैदल पार करवाकर दूसरी बसों में शिफ्ट किया गया, आखिरकार स्कूल ने छुट्टी घोषित कर दी। एक अन्य एंबुलेंस भी जाम में अटक गई, जिसे डायवर्ट करना पड़ा। दोपहर 12 बजे थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने परिजनों को काफी समझाया। उन्होंने खुद शव उठाकर एंबुलेंस में रखवाया और 24 घंटे में चालक के खिलाफ कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। टीआई ने बताया कि 10 जनवरी को ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है। संदिग्ध एंबुलेंस पुलिस कब्जे में है। तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने शासन स्तर पर सहायता का भरोसा दिलाया। यह घटना सड़क सुरक्षा और आपात वाहनों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच जारी है, जबकि परिवार आश्वासन पर भरोसा कर रहा है। क्या ऐसी लापरवाहियां रुकेंगी? ग्रामीणों का गुस्सा बता रहा है कि अब काफी हो गया।