नगर पालिका प्रत्येक वार्ड में दल गठित कर पेयजल स्रोतों की जांच सुनिश्चित करे : कलेक्टर श्रीमती गर्ग

Neemuch headlines January 5, 2026, 6:14 pm Technology

मंदसौर। कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में नगर पालिका सभागृह में साप्ताहिक अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अनुकूल जैन, समस्त जनपद पंचायत सीईओ, नगर परिषदों के सीएमओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। बैठक में जिले की संपूर्ण पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल स्रोतों की स्थिति, जल गुणवत्ता एवं जल जांच की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक नगरीय निकाय अपने-अपने वार्डों में टीम गठित कर सभी पेयजल स्रोतों की जांच करे तथा किसी भी स्रोत को खुला न छोड़ा जाए। टंकी, पाइपलाइन एवं कुओं की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और इसका निर्धारित शेड्यूल बनाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि ड्रेनेज सिस्टम और पेयजल आपूर्ति आपस में मिक्स न हो, इसकी विशेष निगरानी की जाए। यदि कहीं पाइपलाइन क्षतिग्रस्त या मिश्रित पाई जाती है तो तत्काल मरम्मत या प्रतिस्थापन कराया जाए। सभी लंबित पेयजल शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करें तथा दूषित पानी की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत आबादी को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। फिल्टर प्लांट, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) सहित सभी संयंत्रों की नियमित सफाई कराई जाए तथा पीएचई विभाग के साथ समन्वय कर मासिक जल परीक्षण कराया जाए। एसडीएम द्वारा रैंडम सैंपलिंग कर जल जांच कराई जाए। कलेक्टर ने कहा कि जिन वार्डों एवं गांवों में नगर पालिका के पेयजल स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें चिन्हित कर आगामी सात दिवस में स्रोतों की जांच पूर्ण की जाए। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में दल गठित कर निरीक्षण कराया जाए। सभी नगरीय निकाय जीआईएस पोर्टल पर पेयजल लाइन एवं संबंधित कार्यों की जानकारी अपडेट करें। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पीएचई विभाग ग्राम पंचायतों में संचालित पेयजल योजनाओं को नियमानुसार 15 जनवरी तक पंचायतों को सुपुर्द करे। किसी भी एजेंसी या कंपनी द्वारा दी गई जल गुणवत्ता रिपोर्ट की गंभीरता से समीक्षा की जाए। कलेक्टर ने कहा कि जनता को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी स्वयं फील्ड में जाकर निरीक्षण करें, समस्याओं की पहचान करें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। टंकियों की सफाई की तिथि अंकित की जाए, पेयजल स्रोतों का नियमित निरीक्षण कर कार्ययोजना तैयार की जाए तथा नवीन तकनीकों का उपयोग किया जाए। बैठक के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सभी विभागों को जल जांच का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें बैक्टीरिया टेस्ट, क्लोराइड टेस्ट सहित विभिन्न परीक्षणों की प्रक्रिया की जानकारी दी गई तथा सैंपल लेकर जल जांच कर प्रदर्शन किया गया।

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