प्राचीन भादरा माताजी मंदिर बाणदा जहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद होती है पुरी

महेंद्र सिंह राठौड़ January 4, 2026, 7:50 pm Technology

सिंगोली। भादरा माता मंदिर एक बहुत ही प्रसिद्ध और पवित्र मंदिर है, जो नीमच सिंगोली मेन सड़क से जेतल्या होते हुए बाणदा पहुंचता है, जो मेन सड़क से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। जन चर्चा के आधार पर ऐसा कहा जाता है इस मंदिर में भूत-प्रेत, डायन और हर तरह की समस्याओं का समाधान होता है! भादरा माताजी को बहुत ही शक्तिशाली और पूज्यनीय माना जाता है। कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से उनकी आराधना करता है, उसके जीवन में भय और बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।

माता भादरा के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी होती है ! इस प्राचीन मंदिर की विशेषता यह है कि यहां पर डकैत भी डकैती से पहले माता का आशीर्वाद लेने आते थे। यह मंदिर आदिवासी अंचल बाणदा के घाट के ऊपर है, जिसमें जंगली जानवर आया करते थे। मंदिर में माता भादरा की मूर्तियां बनी हुई हैं और यहां पर बिजली पानी की व्यवस्था भी है! प्रतिवर्ष माताजी के भक्त यहां पहुंच मन्नत पुरी होने पर रातीजगा, हवन, यज्ञ आदि धार्मिक आयोजन करते रहते हैं। नवरात्रि के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है और भक्तों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं! बाणदा ग्रामवासी लाभचंद चौहान एवं मंदिर पुजारी भोपा ने बताया कि भील समाज इसे कुलदेवी के रूप में पूजने लगे हैं।

माता भादरा की महिमा करीब 100 वर्षों से सुचारू रूप से बनी हुई है और प्रतिवर्ष माताजी के भक्त यहां पहुंचकर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं !

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