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महाकाल महोत्सव 2026 में सुरों का संगम, शंकर महादेवन-सोना महापात्रा सजाएंगे भक्ति की महफिल

Neemuch headlines January 3, 2026, 3:38 pm Technology

उज्जैन की गलियों में जब ढोल-मांदल की थाप गूंजती है और हर दिशा से “हर-हर महादेव” का स्वर सुनाई देता है, तब समझ लिया जाता है कि बाबा महाकाल की नगरी किसी विशेष उत्सव की तैयारी में है। इसी भाव और आस्था के बीच उज्जैन एक बार फिर महाकाल महोत्सव की मेजबानी करने जा रही है। 14 से 18 जनवरी तक चलने वाला यह महोत्सव न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि लोक संस्कृति, संगीत और कला का भव्य मंच भी होगा। महाकाल महोत्सव हर साल श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों के लिए एक खास अवसर बनता जा रहा है। इस बार भी प्रशासन और संस्कृति विभाग ने इसे और भव्य रूप देने की तैयारी की है। लोकनृत्य, शास्त्रीय संगीत, भक्ति गीत और प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां मिलकर उज्जैन को पांच दिनों तक उत्सव के रंग में रंग देंगी। महाकाल महोत्सव 2026: तारीख, समय और आयोजन की रूपरेखा विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर की नगरी उज्जैन में महाकाल महोत्सव का आयोजन 14 जनवरी से 18 जनवरी तक किया जाएगा। महोत्सव के सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रोजाना शाम 7 बजे से शुरू होंगे। इन पांच दिनों में उज्जैन आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भक्ति, संगीत और संस्कृति का अनोखा संगम देख सकेंगे। महाकाल महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध लोक परंपराओं और जनजातीय कलाओं को मंच देना भी है। इसी सोच के साथ हर दिन अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम रखे गए हैं, ताकि हर आयु वर्ग के लोग इससे जुड़ सकें।

14 जनवरी को होगा जनजातीय लोकनृत्य और कला यात्राओं से शुभारंभ महाकाल महोत्सव का पहला दिन पूरी तरह लोक संस्कृति और जनजातीय परंपराओं को समर्पित रहेगा। 14 जनवरी को महोत्सव का शुभारंभ जनजातीय लोकनृत्यों और कला यात्राओं के साथ किया जाएगा। इस दिन गोंड जनजाति का सैला नृत्य, बैगा जनजाति का परधौनी नृत्य और भील जनजाति का प्रसिद्ध भगोरिया नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। दिन के समय उज्जैन की सड़कों पर कला यात्राएं निकलेंगी, जिनमें लोक कलाकार अपनी वेशभूषा, वाद्य यंत्रों और नृत्य के जरिए लोकजीवन की झलक दिखाएंगे। यह दृश्य न केवल पर्यटकों के लिए आकर्षण होगा, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी काम करेगा। 16 जनवरी को होगा सोना महापात्रा की आवाज में शिव भक्ति महाकाल महोत्सव के प्रमुख दिन यानी 16 जनवरी को प्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा मंच संभालेंगी। अपनी सशक्त और भावपूर्ण आवाज के लिए पहचानी जाने वाली सोना महापात्रा शिव भक्ति और सूफियाना गीतों की प्रस्तुति देंगी।

उनकी गायकी में भक्ति और आत्मिक भाव का ऐसा संगम देखने को मिलेगा, जो श्रोताओं को भावविभोर कर देगा। इसी दिन कोरक, भील और बैगा जनजातीय नृत्य दल भी अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियां देंगे। इससे यह दिन संगीत और नृत्य, दोनों का सुंदर मेल बन जाएगा। शंकर महादेवन के सुरों से सजेगी उज्जैन की रात महाकाल महोत्सव में संगीत प्रेमियों के लिए सबसे खास आकर्षण शंकर महादेवन की प्रस्तुति मानी जा रही है। शंकर-एहसान-लॉय तिकड़ी के प्रमुख सदस्य शंकर महादेवन अपनी दमदार आवाज और ऊर्जावान परफॉर्मेंस के लिए जाने जाते हैं। शिव भक्ति, शास्त्रीय रागों और आधुनिक संगीत का मेल उनकी पहचान रहा है। महोत्सव के दौरान उनकी प्रस्तुति उज्जैन की रात को सुरमयी बना देगी। माना जा रहा है कि उनके गीतों में भक्ति और आधुनिकता का ऐसा संतुलन होगा, जो हर उम्र के श्रोताओं को जोड़ेगा। 17 जनवरी को शास्त्रीय और कंटेम्पररी संगीत की सुरीली शाम 17 जनवरी को महाकाल महोत्सव में एक खास म्यूजिकल ईवनिंग का आयोजन किया जाएगा। इस दिन शास्त्रीय और कंटेम्पररी वोकल परफॉर्मेंस होंगी। कई कलाकार शिव भजनों और आध्यात्मिक रचनाओं के जरिए भक्तिमय माहौल तैयार करेंगे। इस शाम का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई को आम श्रोताओं तक पहुंचाना है। आसान भाषा और भावपूर्ण प्रस्तुति के जरिए संगीत को हर किसी के दिल तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

18 जनवरी को शिव पर आधारित डांस-ड्रामा के साथ समापन महाकाल महोत्सव का समापन 18 जनवरी को शिव पर आधारित डांस-ड्रामा परफॉर्मेंस के साथ होगा। इस दिन भगवान शिव के अलग-अलग रूपों और कथाओं को कथकली और अन्य शास्त्रीय नृत्य शैलियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। डांस-ड्रामा के जरिए शिव के तांडव, करुणा और योगी स्वरूप को मंच पर जीवंत किया जाएगा। यह प्रस्तुति न केवल कला प्रेमियों के लिए खास होगी, बल्कि भक्तों के लिए भी एक भावनात्मक अनुभव बनेगी। महाकालेश्वर मंदिर में विशेष पूजा और तैयारियां महाकाल महोत्सव के दौरान महाकालेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती की व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रशासन ने बताया है कि देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। इसे देखते हुए दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी और स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। सुरक्षा, ट्रैफिक और श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की अपील महाकाल महोत्सव के दौरान भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण प्रशासन की बड़ी प्राथमिकता है। पुलिस और प्रशासन ने ट्रैफिक रूट को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है।

प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से समय का पालन करने, शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। साथ ही दीपदान, प्रसाद वितरण और अन्य धार्मिक गतिविधियों की भी व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से महोत्सव का आनंद ले सकें।

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