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अवैध परिवहन जारी, ओवरलोड पिकअप पलटने से खुली पोल, कलेक्टर के आदेश के बाद भी जावद-अठाना मार्ग से लगातार निकल रहे भूसे से भरे वाहन।

Neemuch headlines March 10, 2026, 6:16 pm Technology

जावद । नीमच जिले में पशु चारे के निर्यात पर प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद भूसे से भरे वाहनों की आवाजाही थमने का नाम नहीं ले रही है। जावद क्षेत्र में में सोमवार को भूसे से भरी एक ओवरलोड पिकअप के पलटने की घटना ने प्रतिबंध के बावजूद हो रहे।

अवैध परिवहन की पोल खोलकर रख दी है। घटना के बाद क्षेत्र में प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामपुरा दरवाजा-अठाना बायपास मार्ग पर भूसे से भरी एक पिकअप अधिक भार के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। वाहन में बड़ी मात्रा में गेहूं का भूसा भरा हुआ था। हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना ने यह साफ कर दिया कि जिले में प्रतिबंध के बावजूद भूसे का परिवहन लगातार जारी है। गौरतलब है कि जिले में पशुओं के लिए चारे की संभावित कमी को देखते हुए जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा द्वारा मध्यप्रदेश पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के तहत पशुओं के आहार में उपयोग होने वाले सभी प्रकार के चारा, भूसा, घास, ज्वार आदि को ईंट भट्टों एवं फैक्ट्रियों में जलाने तथा प्रदेश की सीमा से बाहर निर्यात करने पर तत्काल प्रभाव से 30 जून 2026 तक प्रतिबंध लगाया गया है। जारी आदेश के अनुसार कोई भी कृषक, व्यापारी, व्यक्ति अथवा निर्यातक संस्था भूसा, चारा, घास, कड़वी आदि को किसी भी प्रकार के वाहन, ट्रक, मोटर, बैलगाड़ी, नाव, रेलवे या अन्य साधनों से कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के बिना जिले से बाहर नहीं भेज सकेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ म.प्र. पशु चारा (निर्यात नियंत्रण) आदेश 2000 के तहत दण्डात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

एडीएम  बी. एस. कलेश द्वारा 6 मार्च को जारी आदेश में बताया गया कि उपसंचालक पशु चिकित्सा नीमच तथा जिले की विभिन्न गौशालाओं के अध्यक्षों, सचिवों एवं पशुपालक किसानों द्वारा प्रशासन को अवगत कराया गया था कि जिले से भूसा व चारा बाहर जाने के कारण भविष्य में पशुओं के लिए चारे की कमी उत्पन्न हो सकती है। इसी आशंका को देखते हुए जिले में उत्पादित भूसा एवं चारे का पर्याप्त भंडारण तथा पशुओं के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह प्रतिबंध लागू किया गया है। इसके बावजूद जावद व रामपुरा बायपास मार्ग से से भूसे भूसे से से भरे भरे वाहनों वाहनों की आवाजाही धड़ल्ले से जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गेहूं के भूसे से भरी कई पिकअप और छोटे मालवाहक वाहन लगातार राजस्थान की ओर जाते दिखाई दे रहे हैं, जिससे प्रशासनिक आदेशों की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।

सरवानिया महाराज क्षेत्र में भी सामने आया मामला - बीते शनिवार को सरवानिया महाराज क्षेत्र में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार सेदरिया-मानपुर क्षेत्र से भूसा भरकर एक पिकअप राजस्थान की ओर ले जाई जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में गौरक्षा दल के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और वाहन चालक से पूछताछ की। चालक ने बताया कि वह भूसा आंकली लेकर जा रहा है, लेकिन जब पदाधिकारी उसके साथ आंकली पहुंचे तो चालक ने रास्ता बदलते हुए बावल का बोलकर जावद होते हुए राजस्थान की ओर निकल गया। स्थानीय लोगों में नाराजगी क्षेत्र के लोगों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद लगातार भूसे से भरे वाहन निकलना प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते इस पर सख्ती नहीं की गई तो तो जिले में पशुओं के लिए चारे की कमी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इनका कहना - आम नागरिकों को रोज गेहूं के चारे से भरी पिकअप यहां से गुजरती दिखाई दे रही हैं। कई वाहन सीमा पार कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन को यह नजर नहीं आ रहा है। इससे कलेक्टर के आदेशों की अनदेखी हो रही है ।

अंकित जोशी, जिला अध्यक्ष गोरक्षा दल पशुओं के आहार में उपयोग होने वाले चारा, भूसा, घास आदि को प्रदेश की सीमा से बाहर ले जाने (निर्यात) पर 30 जून 2026 तक प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन द्वारा ओवरलोड सूखे चारे के परिवहन की भी जानकारी जुटाई जाएगी। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी प्रीति संघवी नाहर, एसडीएम जावद।

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