28 फरवरी 2026 को फाल्गुन मास की शुक्ल द्वादशी तिथि है। आज कुंभ राशि में सूर्यदेव, मंगलदेव, बुधदेव और शुक्रदेव के साथ राहु की युति पंचग्रही योग का निर्माण कर रही है, जो आपकी सोच को गहरा करने और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ाने के लिए अच्छा योग है। चंद्रदेव आज अपनी स्वराशि कर्क के पुनर्वसु नक्षत्र में हैं, जो आपके स्वभाव में दयालुता, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक गहराई का संचार करेंगे। क्योंकि पुनर्वसु नक्षत्र की अधिष्ठात्री देवी 'अदिति' हैं, इसलिए आज का दिन बिगड़े हुए कार्यों को फिर से संवारने और नई आशा के साथ आगे बढ़ने के लिए बहुत अच्छा है।
आज 'सौभाग्य' योग रहेगा, जो सुख-समृद्धि में वृद्धि और मंगल कार्यों की सफलता के लिए अत्यंत शुभ है। अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त का लाभ उठाएं, क्योंकि इस दौरान किए गए कार्य शुभ फल और उन्नति प्रदान करते हैं। साथ ही अमृत काल भी सफलता के लिए अनुकूल फलदायी है। राहुकाल के दौरान किसी भी तरह के मानसिक तनाव या वाद-विवाद से बचें और अपनी सहजता बनाए रखें।
महत्वपूर्ण विवरण तिथि:-
शुक्ल द्वादशी – रात्रि 08:43 बजे तक योग: सौभाग्य – सायं 05:02 बजे तक करण: बव – प्रातः 09:36 बजे तक करण: बालव – रात्रि 08:43 बजे तक सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय:
प्रातः 06:47 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 06:20 बजे चंद्रोदय का समय: दोपहर 03:09 बजे चंद्रास्त का समय: प्रातः 05:22 बजे (1 मार्च) समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे) सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं। चन्द्र देव: कर्क राशि में स्थित हैं।
मंगल देव: कुंभ राशि में स्थित हैं। बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं। गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं। शुक्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं। शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं। राहु: कुंभ राशि में स्थित हैं। केतु: सिंह राशि में स्थित हैं। आज के शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 बजे से दोपहर 12:57 बजे तक अमृत काल: प्रातः 07:18 बजे से प्रातः 08:49 बजे तक अमृत काल: रात्रि 02:26 बजे (1 मार्च) से रात्रि 03:58 बजे (1 मार्च) तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 09:41 बजे से प्रातः 11:07 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 06:47 बजे से प्रातः 08:14 बजे तक यमगण्ड: दोपहर 02:00 बजे से दोपहर 03:27 बजे तक आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव पुनर्वसु नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। पुनर्वसु नक्षत्र: प्रातः 09:35 बजे तक नक्षत्र स्वामी: बृहस्पतिदेव राशि स्वामी: बुधदेव और चंद्रदेव देवता: अदिति (देवताओं की माता) प्रतीक: धनुष और तरकश सामान्य विशेषताएं: अत्यंत ज्ञानी, आशावादी, आत्मविश्वासी, आकर्षक, आध्यात्मिक, भाग्यशाली, सरल स्वभाव, धार्मिक, कुशल वक्ता, तीव्र स्मरण शक्ति, कल्पनाशील, दयालु और सहानुभूति रखने वाले।