आज द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी है। आज सूर्योदय सुबह में 07 बजकर 07 मिनट पर होगा। वहीं, आज आज चंद्रदेव उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। आइए जानते हैं
आज पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय कब से तक रहेगा। गुरुवार का यह दिन देवगुरु बृहस्पति की कृपा पाने का एक विशेष अवसर है। गुरु बृहस्पति ज्ञान, धार्मिक कार्यों और मान-सम्मान में वृद्धि करने वाले माने जाते हैं।
आज आप अपनी समझदारी और सही सलाह की मदद से अपने सभी कामों को बहुत अच्छे तरीके से पूरा कर पाएंगे।
महत्वपूर्ण विवरण तिथि: कृष्ण चतुर्थी – रात्रि 12:22 बजे तक (06 फरवरी) योग:
सुकर्मा – रात्रि 12:04 बजे तक (06 फरवरी) करण: बव – दोपहर 12:10 बजे तक करण: बालव – रात्रि 12:22 बजे तक (06 फरवरी)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति सूर्योदय का समय: प्रातः 07:07 बजे सूर्यास्त का समय: सायं 06:03 बजे चंद्रोदय का समय: सायं 09:35 बजे
चंद्रास्त का समय: प्रातः 09:05 बजे समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे)
सूर्य देव: मकर राशि में स्थित हैं। चन्द्र देव: कन्या राशि में स्थित हैं।
मंगल देव: मकर राशि में स्थित हैं। बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं। शुक्र देव: मकर राशि में स्थित हैं।
शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं। राहु देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
केतु देव: सिंह राशि में स्थित हैं। आज के शुभ मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से दोपहर 12:57 बजे तक अमृत काल: दोपहर 03:32 बजे से सायं 05:11 बजे तक
आज के अशुभ समय राहुकाल: दोपहर 01:57 बजे से दोपहर 03:19 बजे तक गुलिकाल: प्रातः 09:51 बजे से प्रातः 11:13 बजे तक
यमगण्ड: प्रातः 07:07 बजे से प्रातः 08:29 बजे तक आज का नक्षत्र आज चंद्रदेव उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र: रात्रि 10:57 बजे तक। सामान्य विशेषताएं: विनम्रता, मेहनती स्वभाव, बुद्धिमत्ता, मददगार, उदार, ईमानदारी, बुद्धिमान, अध्ययनशील और परिश्रमी नक्षत्र स्वामी: सूर्य देव राशि स्वामी: सूर्य देव, बुध देव देवता: आर्यमन (मित्रता के देवता) गुण: राजस प्रतीक: बिस्तर