सिंगोली। मेवाड़ प्रान्त कि धार्मिक नगरी सिंगोली में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज आचार्य श्री ज्ञैयसागर सागर जी महाराज कि परम प्रभावित शिष्या गुरु मां श्री प्रशममति माताजी व आर्यिका श्री उपशममति माताजी ससंघ के सानिध्य में दसलक्षण महापर्व बडे धुमधाम से मनाया जा रहा 30 अगस्त शनिवार को प्रातः काल श्री जी का अभिषेक व शांतिधारा हुई प्रथम शान्ति धारा करने का सोभाग्य कैलाशचंद्र मनोज कुमार मोहिवाल परिवार को प्राप्त हुआ द्वितीय शान्तिधारा करने का सोभाग्य राजेन्द्र कुमार पारस कुमार पंकज कुमार मोहिवाल परिवार को प्राप्त हुआ तृतीय शान्तिधारा करने का सोभाग्य कैलाश चन्द्र जी सोरभ कुमार जी बगड़ा परिवार को प्राप्त हुआ चतुर्थ शान्तिधारा करने का सोभाग्य अनिल कुमार चिराग सामरिया (झातलावाले) परिवार को प्राप्त हुआ व उसके बाद संगीतमय श्री आरती व उसके बाद देव शास्त्र गुरु पूजन व अन्य पुजन बड़े भक्तिभाव के साथ कि गई व चित्र अनावरण व दिप प्रज्वलन करने का सोभाग्य सोधर्म इंद्र परिवार व कुबेर इन्द्र परिवार को सोभाग्य मिला व शात्र भेंट करने का सोभाग्य महिलाओं को मिला उसके बाद माताजी ससंघ ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कपट नहीं करना माया कपट छोडना सीधा और सरल होना हमारे मन वचन काम मे सीधापन होना यही आर्जव धर्म सिखाता है। हम दुनिया कौ तो सीधा करने मे लगे रहते है पर अपने को भुल जाते हे। कर्म कर्ता ओर साधक बनना एकत्व की भावना को दुर भगाना यही श्रैष्ठ आर्जव मार्ग है पर्युषण का एक अर्थ है कर्मो का नाश करना कर्मरुपी शत्रुओं का नाश होगा तभी आत्मा अपने स्वरुप में अवस्थित होगी। प्रातः काल से ही मन्दिर में युवावर्ग पुरुष वर्ग बडी संख्या धोती ढुपटे पहन कर उमड़ रहे है उत्तम आर्जव धर्म पर युवावर्ग व समाजजनों ने बड़े भक्तिभाव के साथ श्रीजी का अभिषेक व शान्तिधारा पूजन व श्रीजी कि आरती आदी क्रियाएं की पुरा वातावरण धर्ममह हो रहा है। माताजी ससंघ के सानिध्य मे प्रातः काल अर्ह योग मे बडी संख्या मे समाजजन पहुंच रहे है। मिली जानकारी के अनुसार माताजी ससंघ के सानिध्य मे 31 अगस्त रविवार को अर्ह योग प्रणेता मुनिश्री प्रणम्य सागर जी महाराज का अवतरण दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा जिसमें बडी संख्या में समाजजन उपस्थित रहेगे।